मुरादनगर के उखलारसी श्मशान घाट हादसे के मृतक आश्रितों के परिजनों को ₹1000000 व परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी का ऐलान के बाद खोला गया जाम


 


मुरादनगर थाना क्षेत्र स्थित उखलारसी गांव के श्मशान घाट की छत का लेन्टर रविवार को उस समय गिर गया था जब एक फल विक्रेता का अंतिम संस्कार चल रहा था। उसी समय बारिश से बचने के लिए काफी लोग हाल ही में निर्मित गलियारे में खड़े हो गए थे। इस हादसे में लगभग 25 लोग मारे गये और दो दर्जन लोग गम्भीर रूप से घायल हो गये थे। घायलों को विभिन्न अस्पतालो में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। आज सुबह दिल्ली-मेरठ रोड पर मुरादनगर थाने के समीप आधा दर्जन शवों को रखकर परिजनों ने जाम लगा दिया।

मेरठ मंडल की कमिशनर अनीता सी मेश्राम, आईजी  प्रवीण कुमार, जिलाधिकारी डॉ. अजय शंकर पाण्डे व एसएसपी कलानिधि नैथानी मौके पर पहुंच गये और प्रदर्शनकारियों से जाम खोलने के लिए कहा लेकिन उन्होंने साफ मना कर दिया। इनकी मांग मुआवजा राशि बढ़ाने व परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की थी। जाम लगाने वालों का कहना था कि पहले उनकी मांगों को मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के समक्ष रखा जाये या मुख्यमंत्री स्वयं घटनास्थल पर आएं, तभी जाम खोला जायेगा। लगभग आठ घन्टे बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को बताया कि दस लाख रुपये मुआवजा देने की मांग शासन ने स्वीकार कर ली है और शेष मांगें शासन को भेज दी गयी हैं। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने जाम खोल दिया। जाम को देखते हुए रूट डायवर्जन भी किया गया। जिलाधिकारी डॉ. अजयशंकर पाण्डे ने बताया कि सभी शवों का अन्तिम संस्कार आज उनके परिजनों और रिश्तेदारों ने कर दिया है। 
इसी बीच  मुरादनगर श्मशान घाट दुर्घटना के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई शुरू हो गई है। दुर्घटना में अधिशासी अधिकारी (ईओ), जूनियर इंजीनियर (जेई) समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। ज्ञात हो कि एक दिन पहले श्मशान घाट की नई छत ढहने से 25  लोगों की दबकर मौत हो गई, जबकि 15 घायल हैं। घायलों को इलाज के लिए गाजियाबाद और मोदीनगर के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। इससे पहले हादसे में मुरादनगर नगर पालिका परिषद की ईओ निहारिका सिंह, जेई चंद्रपाल सिंह, ठेकेदार अजय त्यागी, सुपरवाइजर आशीष समेत कई अन्य जिम्मेदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 304, 337, 338, 427, 409 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।जानकारी के अनुसार, आईजी और कमिश्नर मंगलवार को प्रत्येक पीडि़त परिवार के घर जाकर उनकी आर्थिक स्थिति का आकलन करेंगे। उनकी अतिरिक्त मदद भी की जाएगी। घायलों के लिए भी मुआवजे का ऐलान शीघ्र ही किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि रविवार को एक मृतक का अंतिम संस्कार करने पहुंचे लगभग 100 लोग बारिश के कारण श्यशान की छत के नीचे खड़े हो गए थे। तभी अचानक छत भरभराकर गिर पड़ी और लोग इसमें दब गए। बताया जा रहा है कि इसका निर्माण हाल ही में किया गया था।

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