भारतीय किसान मजदूर गरीब मजलूम आज सड़कों पर बेरोजगार लेकिन सरकार मजे में जनता की कोई सुध नहीं--गादरे*
*भारतीय किसान मजदूर गरीब मजलूम आज सड़कों पर बेरोजगार लेकिन सरकार मजे में जनता की कोई सुध नहीं--गादरे*
दिल्ली बहुजन मुक्ति पार्टी के पदाधिकारी कार्यकर्ता गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों के बीच पहुंचे और उनके दुख दर्द की सुध लेते हुए सरकार के व्यवहार पर अफसोस जताया।
बहुजन मुक्ति पार्टी के पश्चिम अंचल महासचिव एवं मेरठ मंडल अध्यक्ष आर डी गादरे अपने टीम के साथ दिल्ली गाजीपुर बॉर्डर पर पहुंचकर किसानों के बीच उनके दुख दर्द की बात सुनते हुए कहा कि आज देश का अन्नदाता जो हर गरीब अमीर गरीब मजदूरों के लिए रोटी का इंतजाम करता है और अपने दुख दर्द भूल कर देश की चिंता में रहता है आज वहीं सड़कों पर बैठा है। लेकिन सरकार को कोई परवाह नहीं है।
मोदी सरकार ने किसान अध्यादेश से केवल पूंजीपतियों बड़े उद्योगपतियों जो मोदी सरकार के मालिक हैं केवल उनको ही लाभ है अन्यथा छोटे बड़े किसान हो या गरीब अमीर हो मजलूम हो या मजदूर हो आने वाले वक्त में सभी की रोजी-रोटी पर हमला करने का यह अध्यादेश जारी करते हुए कुछ नहीं सोचा। यह सरकार ईवीएम से बनी हुई सरकार है और पूंजी पतियों की पार्टी है। पूंजीपतियों की कोई भी प्रॉब्लम हो तो तुरंत हल हो जाती है लेकिन उनके लिए यह सरकार गरीब मजलूम मजदूर किसानों का हक छीनने पर लगी हुई है आज तमाम देश बेरोजगारी के कगार पर चला गया है लेकिन सरकार मजे कर रही है। यह बहुत चिंता की बात है।
चुनाव आयोग भी ईवीएम को खत्म करना नही चाहता। बैलट पेपर लाना होगा लोकतंत्र तभी बच पाएगा अन्यथा यह पूंजी पतियों की सरकार पैसे से सब कुछ खरीद लेती है। और ईवीएम में अपनी मनमर्जी से लोगों को हरा दिया जाता है। पिछले बिहार चुनाव में सबने सब कुछ देख लिया और आज तमाम देश पर ब्राह्मणों का 80 परसेंट कब्जा है बाकी पिछड़ा वर्ग अल्पसंख्यक वर्ग को कुछ नहीं मिला केवल आपसी भेदभाव की नीति मिली है। देश अभी भी नहीं सुधरा तो कब सुधरेगा। कोई भी कार्य हो मोदी सरकार पाकिस्तान पाकिस्तान डकराती रहती है और आज पाकिस्तान बांग्लादेश नेपाल या कोई भी अन्य देश हो सब की जीडीपी ऊपर जा रही है। भारत की जीडीपी लगातार नीचे जा रही है यदि ऐसा ही चलता रहा तो जन आंदोलन गृह युद्ध होने में कोई कमी नहीं रही। सरकार आम जनता को दोबारा से गुलामी की ओर ले जा रही है निजी करण करके यह साबित हो चुका है कि सरकार लोकतंत्र खत्म कर रही है।

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