मेरठ पानीपत रेलवे लाइन का बजट तो हो जाता है स्वीकृत लेकिन क्यों नहीं बनती रेलवे लाइन ?
बागपत। मेरठ-पानीपत रेलवे लाइन फिर पिंक बुक में शामिल कर बजट स्वीकृत किया गया है। इससे पहले रेलवे लाइन को सत्र 2016-17 की पिंक बुक में शामिल किया गया था। तत्कालीन रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने 1099 करोड़ स्वीकृत किए थे। मगर, रेल लाइन सर्वे से आगे नहीं बढ़ सकी। एक के बाद एक हुए सर्वे पर अब तक करीब एक करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। देखने वाली बात यह होगी कि पश्चिम उत्तर प्रदेश की लाइफलाइन साबित होने वाली रेल लाइन कब धरातल पर उतरेगी।चार दशक से मेरठ-पानीपत रेलवे लाइन का मुद्दा रह रहकर उठता रहा है। पश्चिम उत्तर प्रदेश के लिए स्वीकृत होने के बावजूद 104 किमी की रेल लाइन का निर्माण शुरू नहीं हुआ। वर्ष 2015 में रेल बजट में इसकी घोषणा की गई थी। रेलवे लाइन को सत्र 2016-17 की पिंक बुक में शामिल किया गया। तत्कालीन रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने 1099 करोड़ से इस लाइन को तीन वर्षों में पूरा करने का एलान किया था। छह फरवरी 2019 को पूर्व मंत्री एवं वर्तमान सांसद डॉ सत्यपाल सिंह ने टीकरी में रेलवे लाइन के नए सर्वे का उद्घाटन भी किया था, लेकिन बात आगे नहीं बढ़ी। सिर्फ सर्वे की बात करें तो अब तक करीब एक करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैंएलम से मेरठ के मुल्हेड़ा तक 34 किमी
बागपत। आरटीआई कार्यकर्ता शिव कुमार राठी ने बताया कि दो साल पहले जो सर्वे किया गया था, उसमें एलम से मुल्हेड़ा तक 34 किमी का सफर था। सर्वे में हरियाखेड़ा, टीकरी, दाहा और धनौरा टीकरी रेलवे स्टेशन फाइनल किए गए थे। इससे पहले साल 2013 में किए गए सर्वे में राजपुर, जौला और बुढ़ाना रेलवे स्टेशन फाइनल हुए थे। लेकिन अभी तक किसी भी सर्वे को अंतिम रूप नहीं दिया जा सका है।
इन जिलों को होगा लाभ
बागपत। मेरठ-पानीपत रेलवे लाइन से मेरठ, बागपत, मुजफ्फरनगर और शामली को लाभ होगा। सहारनपुर, बिजनौर, गाजियाबाद और हापुड़ और अन्य जिलों के लोग भी पानीपत जाने के लिए इस रेल मार्ग का प्रयोग कर सकेंगे। हरियाणा, पंजाब और अन्य राज्यों में रेल सफर के लिए पहले दिल्ली जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। लोग सीधे मेरठ से पानीपत तक का सफर तय कर सकेंगे। इसके अलावा लाइन पर पड़ने वाले गांव के लोगों का आवागमन सरल होगा।
सर्वे कार्य उन्होंने टीकरी में शुरू कराया था। मंत्रालय में रेलवे लाइन पर कार्य चल रहा है। जिले के लोगों को निश्चित तौर पर लाभ मिलेगा। वह जल्द ही रेल मंत्री से मुलाकात करेंगे। - डॉ सत्यपाल सिंह, सांसद।

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