बहुजननामा* *कलाकार जाति नामा* *पेशेवर जाति नामा*

 *बहुजननामा*

*कलाकार जाति नामा*

*पेशेवर जाति नामा*


*A--क्या OBC जनगणना रोकने के लिए EVM देवता को लाया गया है तथा बार-बार षड़यंत्र क्यों रचे गये है बेताब समाचार एक्सप्रेस के जरिये बहुजन हसरत पार्टी देशहित-जनहित मे तर्क के आधार पर राज उजागर करती है..*


*B--1931 कि जनगणना कोरोना-साले कि वजह से क्या 21-6-2021 मे भी नही होगी क्या यह OBC जनगणना सीधे-सीधे 2031 मे यानि 100 साल बाद तो नही होगी देशहित-जनहित मे अब यह सवाल खड़ा हो रहा है*


*C--आखिर OBC जनगणना क्यों नहीं हो रही है क्या षड्यंत्र के तहत काँग्रेस-BJP और अपने आपको समाजवादियों कि पार्टी समझने वाली आदि रामवादी-मनुवादी पार्टियाँ OBC जनगणना क्यों होने नहीं दे रहे है OBC जनगणना रोकने के लिए आखिर समय-समय पर भाँति-भाँति षड़यंत्र क्यों रचे जा रहे है आईये जानते है👇👇👇*


*नोट--बहुजन हसरत पार्टी BHP द्वारा लिखा गया बहुत ही अंदरूनी निचोड़ इस प्रकार है:--बाबासाहेब अम्बेडकर जी के दबाव के कारण "काका- कालेलकर आयोग" बना इस जागृती से 1967 में 9 राज्यो में गैर-काँग्रेसी और गैर-ब्राम्हण सरकारे बनी थी काका-कालेलकर लागू करूँगा ऐसा गेम खेल करके मोरार जी देसाई भी छल करके P.M बन बैठे इसके पहले 1970 में 1 साल पहले चुनाव करवाया था और 1971 में OBC जनगणना न हो इसीलिये पाकिस्तान के टुकड़े करके इन्दिरा गाँधी ने बांग्ला देश बनवाया था ठीक ऐसा ही गेम इन्दिरा गाँधी के पिता पंडित नेहरू और गद्दार जिन्ना ने 1947 मे भारत देश के टुकड़े कर दिये थे वफादार मुसलमान भाईयो को तीन-तीन देशो मे बाँटकर कमजोर करके विखेर दिया गया वरना आज देश मे "'दलित-मुस्लिम-पिछड़े"' कि हुकूमत होती शूद्रराज आज भारत देश मे होता तथा 1975 में आपातकाल लगाकर आपातकाल कि आड़ मे OBC को राजनैतिक आरक्षण न मिले इसलिये जन-प्रतिनिधि कि संख्या (सांसद-विधायकों कि संख्या) 25 साल तक न बढ़े ऐसा काला कानून बनाया भी बनाया था जिसे सेकंड गाँधी अटल बिहारी गाँधी उर्फ वाजपेयी जी ने 2001 में और 25 साल यानि 2026 तक बढ़ा दिया था काँग्रेस जिस तरह 2014 मे मोदी जी को P.M बनाया है ठीक वैसा ही अटल जी को भी बनाया गया था अटल जी मान्यवर काँशीराम साहब से अंदर-अंदर इतना डर रहे थे कि जिसकी उदाहरण व जवाब किसी के पास नही था मान्यवर काँशीराम साहब MUSLIM SC ST OBC समाज को जगाकर बहुजन नाम से एक रस्सी/डोर मे बाँध लिये थे रहे ये सभी कल के ज्ञानी बहुजन जो आज के "'कलाकार जाति पेशेवर जाति"' वाले MUSLIM SC ST OBC शूद्र भाई लोग मान्यवर कांशीराम साहब जी के साथ न चले जावे इसीलिये वफादार मुसलमान भाईयो को गुमराह करने व फाँसने के लिऐ इन पंडित पुजारी ने षड़यंत्र रचकर मुलायम सिंह यादव को नया नाम मुल्ला-मुलायम देकर वफादार मुसलमान भाई काँशीराम साहब के साथ मे न चले जाय इसलिए मुस्लिम भाई को रोक दिया गया तथा बामसेफ के डर से काँग्रेस बहुत घबरा गयी थी काका-कालेलकर आयोग व "मंडल आयोग" का जिन्न तो इस काँग्रेस पार्टी को बहुत ही परेशान किया था तब काँग्रेस कि हिरोइन-नायिका इन्दिरा गाँधी को ऐसा प्रतीत होने लगा कि अब तीसरा जिन्न काँशीराम नाम का कहाँ से आ गया इन्दिरा गाँधी बहुत शातिर खिलाड़ी थी वो जानती थी आज नही तो कल जब काका-कालेलकर व मंडल आयोग का जिन्न बोतल से बाहर आ जायेगा तो इन दोनो आयोग कि रिपोर्ट को जब 3743 OBC के उद्धार हेतु लागू किया जाएगा तो हमारी 2-50% वाले अल्पसंख्यक पंडित पुजारी कि नस्लें इन OBC कि गुलाम हो जायेगी और ये अपना मत बैलेट पेपर के जरिये इस्तेमाल करके हमारे बच्चों को अपने आँगन मे झाड़ू मारने के लिऐ भी नहीं रखेंगे इसलिये 1982 मे भारत देश मे EVM देवता को जन्म दे दिया गया तथा बहुत चालाकी से मंडल को कमंडल मे बदल दिया है और जिनके हक-अधिकार के लिए काका-कालेलकर व मंडल आयोग बना था उन्ही को रामभक्त बनाकर धर्म आस्था-धर्म-मजहब मे उलझा दिया गया मान्यवर कांशीराम साहब जी को बढ़ने से और उनके द्वारा मंडल लागू न करने के लिये इंदिरा गांधी जी ने दुनियाँ ने ठुकराई EVM मशीन से चुनाव कराने कि प्रक्रिया को जन्म दिया गया*


*1--1992 के मंडल जजमेंट में सुप्रिम कोर्ट द्वारा OBC जनगणना का मुद्दा उठाये जाने के बाद OBC जनगणना के लिए जनजागरण मुहिम शुरू हुई 1998 में देवगौड़ा के रूप प्रधानमंत्री पद पर सच्चा OBC नेता मिला देवगोड़ा सच्चे एवं कट्टर OBC होने के नाते उन्होंने मंत्रिमंडल की बैठक में OBC जनगणना कराने का निर्णय लिया*


*2--इस निर्णय के अनुसार 2001 की राष्ट्रीय जनगणना में OBC जनगणना होने वाली थी जिसके कारण कांग्रेस ने उन्हें धीरे से प्रधानमंत्री पद से हटाकर इन्द्र कुमार गुजराल को प्रधानमंत्री पद पर बिठा दिया OBC जनगणना की खटपट हमेशा के लिए नष्ट करने के लिए "EVM" लाई गई व उसके माध्यम से वाजपेई की पहली लंगड़ी सरकार लाई गई पहले से ही निश्चित की गई योजना के अनुसार वाजपेई सरकार ने कौन सा निर्णय लिया वह था देवगोड़ा सरकार द्वारा लिया गया OBC जनगणना" का निर्णय रद्द करना* 


*नोट--बहुजन हसरत पार्टी द्वारा लेख बाबासाहेब अम्बेडकर जी का ऐकला आदर्शवादी चेला मान्यवर काँशीराम साहब के मंडल आयोग लागू करो वरना कुर्सी खाली करो आंदोलन के चलते र्भीमवादी क्षत्रिय प्रधानमंत्री V.P. सिंह साहब ने मंडल आयोग लागू किया उसके खिलाफ पंडित-पुजारी कोर्ट में गये और दोगले समाजवादी/मनुवादी मधु-लिमये ने कोर्ट के माध्यम से मंडल आयोग में "क्रीमी लेयर" नाम का एक बूँद जहर डाला गया इसीलिये कोई भी "'जनता दल"' से बने OBC नेताओं ने "क्रीमी लेयर" खिलाफ "रिव्यु पिटीशन" कोर्ट में दाखिल नहीं किया यदि क्रीमिलेयर नाम पर पुनर्विचार याचिका उस समय दाखिल हो गयी होती तो आज बहुजन हसरत पार्टी को अदालत मे तीन-तीन संस्थाओ के जरिये 7/7 P.I.L और SLP (C) दाखिल करके महान नया नाम कलाकार जाति पेशेवर जाति नही देना पड़ता और SC ST भाईयों कि तरह "'सेवा और खिदमत"' के नाम पर राजनैतिक आरक्षण देने हेतु कानून बनाने कि माँग और अपील न करना पड़ता ये कल के ज्ञानी बहुजन ही आज के "'कलाकार जाति पेशेवर जाति"' है इन्ही को "'कामगार-मजदूर-श्रमिक"' भी कहते है•••मान्यवर काँशीराम साहब जी के बहुजन आंदोलन के चलते मंडल आयोग लागू हुआ OBC भाई मुख्यमंत्री बनने लगे 1993 में BSP+SP गठबंधन के मुलायम सिंह यादव साहब मुख्यमंत्री बने तो 1994 में काँग्रेस ने पुनः EVM का कानून बनवाया,1998 में मान्यवर कांशीराम साहब जी के बहुजन आंदोलन के चलते OBC नेता माननीय देवेगौड़ा साहब भी प्रधानमंत्री बने तथा OBC जनगणना 2001 में न हो और OBC सांसदों कि संख्या संसद में न बढ़े इसीलिये जनप्रतिनिधि कि संख्या न बढ़ाने वाले इंदिरा गांधी के 1975 के काले कानून को अटल बिहारी वाजपेयी जी ने 2001 में और 25 साल यानि 2026 तक बढ़ाया अब समझो आखिर षड्यंत्र के तहत ही अटल बिहारी गाँधी उर्फ बाजपेई को P.M बनाया गया था*


*3--जब-तक OBC जनगणना की संभावना जड़ से समाप्त नहीं हो जाती तब तक "EVM" रहेगी 2011 में संसद में OBC जनगणना के लिए संसद में जोरदार आवाज उठी गोपीनाथ मुंडे समीर भुजबल छगन भुजबल लालू प्रसाद यादव मुलायम सिंह यादव आदि OBC नेताओं ने OBC जनगणना के मुद्दे को देश स्तर पर जोरदार ढंग से उठाया किन्तु RSS का प्यादा-निर्देशित अण्णा हजारे व केजरीवाल कैंप ने "लोकपाल" नाम का तमाशा खड़ा कर दिया इस तरह OBC जनगणना का मुद्दा दबा दिया गया था*


*4--2021 में OBC जनगणना की मांग करने वाला एक भी OBC सांसद संसद में न पहुंचने पाये ऐसा प्लान तैयार किया गया है इस प्लान के अनुसार बीते 10 सालों में EVM-CBI-IB-कैग-ED व सड़क दुर्घटना आदि का दुरुपयोग करते हुए विभिन्न पार्टियों के OBC नेतृत्व को खत्म करने का अभियान चलाया गया है आज 2019-20-21 में संसद में OBC जनगणना के लिए लड़ने वाला एक भी साँसद बाकी नहीं बचा है क्या यह सिर्फ संयोग है या जान-बूझकर रचा गया षड्यंत्र है जिसमें वे शत-प्रतिशत यशस्वी हो चुके हैं*


*नोट--बहुजन हसरत पार्टी द्वारा पॉइन्ट 3 से 4 तक लिखा गया बहुत ही अंदरूनी निचोड़ इस प्रकार है:--25 अगस्त 2003 को मान्यवर काँशीराम साहब जी ने मैं प्रधानमंत्री बनूँगा (होता तो) ऐसा कहा था और BSP+BJP कि सरकार भंग कराई BJP ने दल-बदल कानून कि धज्जियाँ उड़ाकर मुलायम सिंह साहब कि सरकार बनाई जिसे काँग्रेस ने भी बरक़रार रखा और अदालत ने सरकार के अंतिम समय में सरकार का गठन गलत पाया और BJP ने EVM से चुनाव करवाकर अपनी जननी माँ काँग्रेस को देश कि सत्ता सौंपी.. 2007 में BSP कि पूर्ण बहुमत कि सरकार बनी इतना ही नही दिल्ली मे 14% वोट हरियाणा मे 15% उत्तराखंड राजस्थान मध्यम प्रदेश महाराष्ट्रा पंजाब आदि 8-10 राज्यो में BSP कि सरकार बनने जा रही थी तथा 2008-09 में भीमवादी दलित शेरनी परमाणु डील के मुद्दे पर देश कि P.M बनने वाली थी तो SP और BJP ने काँग्रेस कि अल्पमतवाली सरकार बचाकर 2009 का चुनाव EVM से चुनाव करवाकर बहन मायावती जी को P.M बनने से रोककर बहन जी द्वारा 2011 में 1000% होने वाली OBC  जनगणना को रोका गया..  BSP को दिल्ली तथा देश से ख़त्म करने के लिये अन्ना हजारे अरविन्द केजरीवाल का लोकपाल भ्रष्टाचार को कंधा बनाकर 08/10/2013 के सुप्रीम कोर्ट के आदेश कि धज्जियाँ उड़ाकर काँग्रेस ने बिना VVPAT के चुनाव करवाकर BJP कि सत्ता बनाई जिसे 2019 में भी फिर लगातार अंजाम दिया ताकि बहुजनो कि सत्ता न बने और 2021 में भी OBC कि जनगणना न होने पावे नोटबंदी भी सिर्फ BSP को सत्ता से रोकने के लिए हुई थी*


*5--आज जो भी OBC नेता जीवित दिख रहे हैं वे सिर्फ शरीर से जीवित हैं मन से वे मारे जा चुके हैं ये सभी नेता मुर्दा व नपुंसक बनाये जा चुके हैं क्योंकि वे मरने व जेल जाने से डरते हैं आज के OBC नेता किसी भड़वे से कम नही है मृत्यु से न डरने वाले फुले साहू मौलाना हसरत मोहानी व अम्बेडकर जैसे महापुरुषों के नाम पर राजनीति करते हुए करोड़ों अरबों रुपए की संपत्ति जमा करने वाले ये OBC नेता आज मुर्दों के ही समान हैं ये OBC नेतागण नपुंसक और अपाहिज और अंधे-लगंड़े-लूले से भी बत्तर हो चुके है इसीलिए मैं हमेशा कहते रहता हूं कि OBC की जाति आधारित जनगणना क लड़ाई अब OBC जनता को ही लड़ना चाहिए*


*6--आज चारों तरफ दु:खद वातावरण दिखाई दे रहा है किन्तु दिलाशा देने वाली और आनंद देने वाली घटनाएं भी हो रही हैं कोई भी मदद न लेते हुए OBC संगठन OBC के सामाजिक नेता व कार्यकर्त्ता आगे आकर OBC जनगणना का आंदोलन चला रहे हैं हमारे बहुत सारे OBC मित्र अपेक्षा करते हैं कि इस OBC आंदोलन को MUSLIM SC ST नेताओं व कार्यकर्त्ताओं को अब सपोर्ट करना चाहिए ज्यादातर सभी गैर-ब्राह्मण संगठन व पार्टियाँ "बहुजन" संकल्पना से प्रेरित रहती हैं, अनेक संगठनों व पार्टियों ने अपने नाम के साथ बहुजन शब्द जोड़ा हुआ है किन्तु जब OBC का प्रश्न खड़ा होता है तो यह बहुजनवाद ढीला पड़ जाता है बहुजन हसरत पार्टी अब ऐसे तथा कथित बहुजनों का भंडाफोड़ करना शुरू किया है इस बहुजन हसरत पार्टी BHP का उदय BSP के जन्मदाता मान्यवर काँशीराम साहब के जन्मदिन पर 15/3/2017 को आखिर क्यों हुआ है बहुजन में मुस्लिम दलित आदिवासी मराठा भी आते हैं तो क्या OBC बहुजन में शामिल नहीं हैं ऐसा प्रश्न खड़ा करके वे सभी को OBC जनगणना के मुद्दे पर एकत्र आने का आह्वान करते हैं*


*नोट---बहुजन हसरत पार्टी BHP द्वारा पॉइन्ट 5 से 6 तक लिखा गया बहुत ही अंदरूनी निचोड़ इस प्रकार है:- MUSLIM SC ST OBC शूद्रों के नेताओं को इन पंडित पुजारी ने भ्रष्टाचार आदि के मामले में फँसाया है फिर भी नहीं मानने वाले नेता को अनाप-शनाप तरीके से मरवाया जाता है.. इसलिए ये भ्रष्टाचार में लिप्त शूद्र नेता अपने लालच के चलते जेल जाने के डर से अपने शूद्र समाज के ऊपर हो रहे अन्याय के खिलाफ आवाज नही उठा रहे है..लालू प्रसाद यादव साहब को चारा घोटाले में फँसाया,..2019 के लोकसभा चुनाव के रिजल्ट 23-5-2019 के एक दिन पहले मुलायम सिंह यादव साहब और उनके परिवार को आय से अधिक संपत्ति के मामले के क्लीन चिट दे दि गई ताकि EVM के गड़बड़ी खिलाफ आवाज न उठाये... परंतु जो बहुजन नेता इन हथकंङो से कभी भी नहीं डरता तो उसे झूठे केस में फँसाकर बदनाम तो किया जाता है उदाहरण के तौर पर जैसे बहन मायावती जी को ताज कॉरिडॉर के मामले में झूठा फँसाया गया था बाद मे कोर्ट ने भी उन्हें बरी किया तथा सबसे ज्यादा इनकम टैक्स भरने वाली बहन जी को 2017 में सत्ता में आने से रोकने के लिए ही 2016 में नोट-बंदी लाई गई और 2017 के चुनाव के दरम्यान बहन जी/BSP पार्टी का फंड सील किया गया क्योंकि बहन जी इनके इन घटिया हथकंडो से नहीं डरती है और 2019 में केंद्र कि सत्ता में आयेगी तो 2021 में OBC कि जनगणना 1000% पक्का करेगी यह डर व भय इन 2.50% वाले अल्पसंख्यक पंडित पुजारी को सताने लगा इसीलिये MUSLIM SC ST OBC भाई को चाहिए कि अब असली भीमवादी नेता कि पहचान करके भीमवादी दलित को P.M बनाकर सभी तकलीफों से मुक्ति पाकर खुशहाल हो जाना ही बुद्धिमानी है*


*7--परन्तु उन्हें यह वास्तविकता जान लेनी चाहिए कि RSS ने अंदर-अंदर एक ऐसी षड्यंत्र-कारी व्यवस्था कि है कि पूंछो मत??? अब ये मानकर चलना होगा कि OBC की मदद के लिए अब कोई भी दौड़कर आने वाला नहीं है एक समय था कि राजनीति के पटल हम बहुजन के रूप में एकत्रित होकर काफी कुछ हद तक सत्ता प्राप्त कर लेने के लिऐ सफल होते दिखाई दे रहे थे परन्तु मंडल कमंडल का असर कम न होकर अंदरूनी घाव बनाकर कोरोना से ज्यादा खतरनाक हो गया है*


*8--किन्तु दलित आदिवासी व मुसलमान जैसे वर्गों के सामने उनके ही जीवन मरण के कुछ ऐसे प्रश्न खड़े कर दिए गए हैं कि वे चाहकर भी एक दूसरे की मदद के लिए नहीं जा सकते बहुजन संकल्पना में सबसे बड़ा भाई मराठा था वह अब RSS-संघ-भाजपा का गुलाम वोटर बन बैठा है काँग्रेस कि इन B टीम RSS-BJP ने ऐसा कुछ दांव खेला है कि अब मराठा खुद बहुजन से अलग होकर बर्बादी कि तरह हो गया है संघ-भाजपा ने मराठा आरक्षण का झुनझुना बजाया है और मराठा OBC झगड़ा शुरू हो गया है उसमें अब "एट्रोसिटी" का पेट्रोल डालकर दलित--मराठा एकता को भी जला दिया गया है जिस तरह उस समय 1978-80-92 मे मंडल और कमंडल का खेल व गेम चालू था वह आज भी बरकरार है*


*9--पहले तो वफादार MUSLIM OBC संगठन OBC जनगणना के लिए आंदोलन करते थे परंतु आज उनके सामने CAA-NPR-NRC वगैरह का संकट इस तरह से खड़ा कर दिया गया है कि OBC जनगणना का मुद्दा ही भूल गए हैं आदिवासी भटके विमुक्त जाति जमाति के सामने अपनी जमीन और अपनी नागरिकता बचाने का संकट खड़ा हो गया है जिसके कारण वे भी हतबल हो चुके हैं पहले बामसेफ जैसे संगठन OBC जनगणना के मुद्दे पर जन-जागरण किया करते थे*


*नोट--बहुजन हसरत पार्टी द्वारा पॉइन्ट 8 से 9 तक लिखा गया बहुत ही अंदरूनी निचोड़ इस प्रकार है:---OBC को मंडल कि बजाय कमंडल कि और ले जाने और धार्मिक नफरत पैदा करने के लिए काँग्रेस के इशारे पर BJP ने बाबरी मस्जिद को बाबा-साहेब के महा-परिनिर्वाण के दिन 6 दिसंबर को बाबरी मस्जिद को तोड़वायी जिससे MUSLIM SC ST OBC शूद्र भाई आपस में लड़ते रहे और अब जब दलित OBC कि एकता तोड़ने में असफल हो रहे पंडित पुजारी मराठा को OBC के आरक्षण के मुद्दे पर लड़वाना चाहते है जैसे गरीब सवर्ण भाई को जिस तरह 10% आरक्षण संसद में कानून बनाकर दे दिए गये है वैसे मराठा आदि भाइयों के लिए कानून नहीं बनाते है तथा मराठा आदि भाइयों को दलितो के खिलाफ खड़ा करने के लिये अट्रोसिटी कानून के खिलाफ खड़ा करते है और MUSLIM SC ST OBC के मताधिकार/नागरिकता छीनने के लिए NRC CAA NPR जैसे  कानून बनवाये गए है भाई यह कानून अब भीमवादी दलित P.M बनने से हट सकते है और इसे रद्द करके नये कानून तब  बनाये जा सकते है*


*10--किन्तु निर्णायक समय पर हमेशा की तरह वे भी आज भी हम शूद्र भाई लोग इस मुद्दे को भूल चुके हैं इस प्रकार RSS-संघ-भाजपा ने जाति अंतक बहुजन संकल्पना को ही निष्प्रभावी बना दिया है उसके पहले उन्होंने केजरीवाल नाम का "आप तमाशा" खड़ा करके जाति अंतक वर्ग अंतक  तीसरे मोर्चे को बिगाड़ दिया वह कैसे?*


*11--2021 की OBC जनगणना टली तो उनका आगे का प्लान तैयार ही है तीसरा मोर्चा तैयार करना आज तक तीसरा मोर्चा कई बार-बना बिगड़ा फिर बना इस तीसरे मोर्चे का मैंने "जाति अंतक- वर्ग अंतक" ऐसा नामकरण किया है क्योंकि इस गठबंधन में लालू प्रसाद यादव बहन कु.मायावती प्रकाश अम्बेडकर करुणानिधि मुलायम सिंह यादव जैसे जाति विरोधी शक्तियां व कम्युनिस्ट-समाजवादी पार्टियां थीं उन्होंने V.P सिंह सरकार को बनाया तो था परन्तु सफलता पूर्वक चलाकर भी दिखाया यह गलत है*


*12--मंडल आयोग लागू करने की शुरुआत एट्रोसिटी एक्ट बनाना संसद में बाबा साहेब की फोटो लगवाना बाबा साहेब की जयंती 14 अप्रैल के अवसर पर छुट्टी, कामगारों को मैनेजमेंट में सहभागिता का कायदा ऐसे कितने ही जाति अंतक और वर्ग अंतक कानून V.P सिंह सरकार ने बनाया और उन्हें लागू भी किया OBC नेताओं को शरीर और मन से मार डालने के बाद उनके संगठन और पार्टियों को भी नष्ट करने का प्लान अब शुरू हो चुका है*


*नोट---बहुजन हसरत पार्टी द्वारा पॉइन्ट 11 से 12 तक लिखा गया बहुत ही अंदरूनी निचोड़ इस प्रकार है:-काँग्रेस और उसकी B टिम BJP ने बहुजन नेताओं को भ्रष्टाचार कि जाल में फँसाकर रखैल और गुलाम से बत्तर बना दिया है जिससे कोई भी नेता लोग इस काँग्रेस के EVM देवता के खिलाफ कभी बोलने कि हिमाकत न कर सके इन सभी    MUSLIM SC ST OBC शूद्र नेताओ को मजबूर कर दिया है और अब काँग्रेस अपने EVM देवता के बल पर अपने गठबंधन वाली (UPA) में शामिल सभी बहुजन पार्टियों को सीधे-सीधे ख़त्म कर रही है तो BJP भी (NDA) के नाम पर सभी बहुजनो के पार्टियों  को ख़त्म कर रही है...परंतु अब भी वक्त गया नहीं है अब भी वक्त है कि सभी बहुजन नेता अपनी-अपनी पार्टी का गठबंधन किसी सक्षम भीमवादी दलित नेता के अगुवाही में करकर बहुजनो का तीसरा मोर्चा बनाये जिससे शूद्रराज आना तय है*


*13--केजरीवाल को आगे करके तीसरा मोर्चा अब नये सिरे से खड़ा किया जायेगा कुछ ऐसा षड्यंत्र हो सकता है इस मोर्चे में जाति अंतक-वर्ग अंतक शक्तियां कभी अपने क्षीण स्वरूप में रहेंगी कभी कांग्रेस की पूंछ बनकर कभी भाजपा की पूंछ बनकर रहेंगी*


*14---इस तीसरे मोर्चे में जब-तक जाति अंतक-वर्ग अंतक शक्तियों का जो दबदबा (1989 से 2010 तक) था वह अब पूरी तरह नष्ट किया जा चुका है इसे बरकरार करने के लिए कुछ भीमवादी-रहीमवादी शातिर खिलाड़ी बनकर देशहित-जनहित मे खुशी-खुशी झूमकर खतरनाक गेम खेलना होगा*


*15--EVM व ED-CBI जैसी यंत्रणाओं का दुरुपयोग उसके लिए ही तो था जाति अंतक बहुजन संकल्पना को नष्ट करना जाति अंतक तीसरे मोर्चे को आप की सहायता से बिगाड़ना OBC नेताओं कि हत्या करना,जेल में डालना या नामर्द बनाना, आरक्षण खत्म करना, ऐसे अनेक कार्यक्रम सफल हो रहे हैं,अब RSS को शत-प्रतिशत देशव्यापी पेशवाई स्थापित करने का रास्ता पूर्णतः साफ हो चुका है*


*16--फिर भी अभी वक्त गया नहीं है "घर के दरवाजे पर दो बोर्ड और ब्राह्मण शाही का खात्मा शुरू "पहला बोर्ड--: "नागरिकता के लिए कागज पत्र मांगने आने वाले कर्मचारियों-अधिकारियों से नम्र विनती...किसी भी प्राचीन राष्ट्र की नागरिकता सिद्ध करने के लिए डी एन ए /DNA टेस्ट सबसे आधुनिक वैज्ञानिक साधन है...अपने प्राचीन भारत की नागरिकता सिद्ध करने के लिए डी एन ए/DNA टेस्ट करना चाहते हैं तो हम आपका पूरा सहयोग करेंगे, सिर्फ कागज पत्र मांगने वाले हैं तो इस घर से कोई सहयोग नहीं मिलेगा*


*17--दूसरा बोर्ड--जनगणना करने वाले कर्मचारियों--अधिकारियों से नम्र विनती--आपके पास जनगणना फार्म में यदि प्रत्येक जाति--उपजाति अंकित करने वाला कालम नहीं होगा तो हमारे घर से जनगणना के लिए किसी प्रकार का सहयोग नहीं मिलेगा...यह आंदोलन यदि हमने सफलता पूर्वक चलाया तो अपनी जीत निश्चित है*


*18--2021 की जनगणना में OBC कलाकार जाति पेशेवर जाति का कालम नहीं है यह अब स्पष्ट हो चुका है...घर पर बोर्ड लगाकर जनगणना कार्यक्रम को पूरी तरह असफल करें इस पर अंतर्राष्ट्रीय प्रतिक्रया होगी सत्ताधारी पेशवाओं की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फजीहत होगी इसका निश्चित परिणाम यह होगा कि इन्हें फिर से नये सिरे से जनगणना का कार्यक्रम चलाना पड़ेगा और उसमें OBC ही नहीं सभी जाति जमाति की जनगणना करनी पड़ेगी वह विजय निश्चित ही हमें जाति अंत की तरफ ले जायेगी इसका हम आप सबको विश्वास दिलाते हैं कलाकार जाति पेशेवर हिन्दू मुस्लिम दोनो समुदायो मे पाये जाते है जो सभी 96% OBC कि श्रेणी मे आते है*


*नोट--बहुजन हसरत पार्टी द्वारा पॉइन्ट 13 से 18 तक लिखा गया बहुत ही अंदरूनी निचोड़ इस प्रकार है:-बहुजनों का तीसरा मोर्चा बनकर पहला नंबर हासिल करके 2004 में ही मान्यवर कांशीराम साहब P.M बन जाते तथा 2008-09 में बहन मायावती जी P.M बन गयी होती तथा 8-10 राज्यो में BSP आराम से सरकार बना लेती परंतु EVM देवता के ताँडव के चलते ऐसा नही हो सका पहले 1977 में जो तीसरा मोर्चा बना था वह तीसरा मोर्चा जनता पार्टी समाजवादियों/मनुवादियों का था 1989 में जो तीसरा मोर्चा बना '"रामो-वामो"' वह भी पंडित पुजारी का ही था 2009 में जो तीसरा मोर्चा बना वह भी बामो आदि ही का बना था परंतु बहुजनो का तीसरा मोर्चा अभी तक नहीं बना है अब ये पंडित पुजारी षड्यंत्र के तहत इण्डिया अगेंस्ट रिजर्वेशन/आरक्षण विरोधी पंडित पुजारी का गुलाम अरविन्द केजरीवाल  के माध्यम से तीसरा मोर्चा बनाकर बहुजनो को फिर से उल्लू बनायेंगे परंतु अब हमारा तीसरा मोर्चा बनेगा तो वह भी भीमवादी दलित के नेतृत्व में बनेगा तो ही सफलता पायेगा नहीं तो UPA हो या NDA बहुजनो के भ्रष्टाचार में लिप्त है UPA और NDA का खात्मा करने के लिए बहुजन हसरत पार्टी BHP ने ABA नाम से तीसरा मोर्चा बनाया है ABA का मतलब A--आर्टिशियन B--बहुजन A--अलाइंस अर्थात कलाकार बहुजन गठबंधन होता है ये MUSLIM SC ST OBC वाले कलाकार जाति पेशेवर जाति वाले लोग इस "'ABA-गठबंधन"' बनाकर खुद कि सरकारे शूद्रों को गुलामी से आजाद करने के लिए बहुजन हसरत पार्टी का साथ देवे तो बहुत ही अच्छा व सुन्दर होगा* 


*🌹"कल के ज्ञानी बहुजन" ही आज के "कलाकार जाति पेशेवर जाति" वाले लोग है*


*🌹इन्ही को "कामगार-मजदूर-श्रमिक" भी कहते है जिनकी जनसँख्या पूरे देश मे करीब 50% के इर्द-गिर्द है जिनका पूरा आधा देश है जो "हिंदू-मुस्लिम" दोनो समुदायों मे पाये जाते है जो सब के सब 96%  OBC कि श्रेणी मे आते है*


*✍️"'बुद्ध"' के समय के ज्ञानी बलवान साहसी शूद्रो को इन पाखंडी अल्पसंख्यक पंडित पुजारी ने जबरजस्ती करके 6743×7= जातियों मे बाँटकर बिखेर दिया :---: जब इतने के बावजूद इन पाखंडी अल्पसंख्यक पंडित पुजारी का पेट नही भरा तो अपने फायदे के लिऐ जबरजस्ती उन पर "'कला और पेशा"' भी थोप दिया*


*✍️"'कला और पेशा"' मे बँटी वंचित हजारो "'कलाकार जाति पेशेवर जाति"' वाले लोगो को देशहित-जनहित मे SC ST भाईयो कि तरह "'सेवा और खिदमत"' के नाम पर राजनैतिक आरक्षण दो वरना जाति व्यवस्था ही ख़त्म करो*


*🌹नीचे कुछ system को देशहित-जनहित मे भीमवादी बनकर समझिऐ जिससे आप सभी कि दया और दुआ और आशीर्वाद से मालूम हो जावे कि आखिर कलाकार जाति पेशेवर जाति क्या system क्या है*


*1-🔵"'राष्ट्रपिता"' ज्योतिबा फुले साहब---ने "शूद्र-अतिशूद्र" नाम दिया*

*1-🔵आरक्षण के जनक "छत्रपति शाहूजी महाराज" ने "ब्राम्हण"--"गैर ब्राम्हण" नाम दिया*

*3-🔵"बाबासाहेब" ने SC ST OBC MINORITIES नाम दिया*

*4-🔵विश्व ज्ञानी बाबासाहेब के ऐकला आदर्शवादी चेला मान्यवर काँशीराम साहब ने उन्ही को बहुजन समाज-शोषित समाज नाम दिया*

*5-🔵💚💙--बहुजन हसरत पार्टी BHP के संस्थापक राष्ट्रीय अध्यक्ष जनाब मुहम्मद मैराज शेख ने इन्ही को "'कलाकार जाति पेशेवर जाति"' जैसा महान नया नाम अदालत मे 7/7 P.I.L और SLP (C) दाखिल करके दिया*


*जय भीम जय हसरत मोहानी*

*कलाकार जातियाँ जिन्दाबाद*

*पेशेवर जातियाँ जिन्दाबाद*

*6-2-2021 9819316944*



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